उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों का
नया समन्वय
उत्तर प्रदेश के आंदोलनरत किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में दिल्ली की सीमाओं और देश के विभिन्न हिस्सों में चलाए जा रहे किसान आंदोलन को उत्तरप्रदेश में और भी प्रभावशाली बनाने तथा आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए लखनऊ में बैठक कर उप्र किसान समन्वय समिति की घोषणा की है। नेताओं द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति* के अनुसार 'बैठक में प्रदेश में संघर्षरत ढाई दर्जन से अधिक संगठनों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। लगभग 10 अन्य संगठनों ने इस प्रयास में शामिल होने की हामी भरी है। बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार "अनजान" ने की l बैठक में चर्चा के लिए आधार वक्तव्य अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा ने रखा। बैठक अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश कार्यलय 22 कैशरबाग, लखनऊ में सम्पन्न हुई।
बैठक ने सर्व सम्मति से उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन को तेज करने के लिए सभी संगठनों को जोड़ कर ""उत्तर प्रदेश किसान समन्वय समिति" का गठन किया। इस समन्वय समिति में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से जुड़े सभी संगठन, किसान संयुक्त मोर्चे से जुड़े सभी संगठन, गाजीपुर बॉर्डर कमेटी से जुड़े संगठन और इन तीनों संयुक्त मंचों से बाहर रह कर भी किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे यूपी के सभी संगठनों को शामिल किया गया है।
बैठक में प्रदेश भर में जिला/तहसील स्तर तक किसान संगठनों के बीच समन्वय को मजबूत करने, दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन को और ताकत देने, 9 अगस्त भारत छोड़ो दिवस पर प्रदेश भर में "मोदी गद्दी छोड़ो" अभियान चलाने, प्रदेश में ग्राम स्तरों पर किसान चौपाल- पंचायतें संगठित करने पर सहमति बनी है। 9 अगस्त को मऊ जिले के घोषी में किसान रैली आयोजित की जाएगी। एक अन्य रैली प्रतापगढ़ में भी अगस्त के प्रथम सप्ताह में करने का निर्णय लिया गया l साथ ही अवध, पूर्वांचल, मुरादाबाद और बुंदेलखंड क्षेत्रों में किसान रैलियां करते हुए अक्टूबर में लखनऊ में किसानों की एक बड़ी साझा रैली करने पर सहमति बनी है। बैठक ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आयोजित होने वाली किसान रैली को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी करने का निर्णय लिया गया इन कार्यक्रमों की तारीखें कुछ दिन बाद घोषित की जाएंगी।
बैठक में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख नेता थे मुकुट सिंह, राज्य सचिव (upks), का. इम्तियाज - राज्य अध्यक्ष, राजेन्द्र यादव-राज्य सचिव (aiks), ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा - राज्य सचिव (aikm), आत्मजीत सिंह, राष्ट्रीय संयोजक-(bku असली), धरम पाल -राज्य अध्यक्ष (aikms), ऋचा सिंह (napm), संदीप पांडेय (समाजवादी चिंतक), बृज बिहारी, अध्यक्ष, दिनकर कपूर (मजदूर किसान मंच), अजय असुर नेता (जनवादी किसान सभा), लाल सिंह, अध्यक्ष (bku samaj), बाबूराम शर्मा, अध्यक्ष (aikks), प्रबल प्रताप शाही, (bku असली), राजीव यादव (रिहाई मंच), ललित त्यागी (यूपी किसान यूनियन), राघवेन्द्र सिंह (वेटरन्स एशोसिएशन यूपी), पिंदर सिंह सिद्धू (किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा), डॉ. मलखान सिंह यादव (किसान सेना रिपब्लिक निर्दल), कमलेश यादव (भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति), रामफेर निराला (सामाजिक चेतना महासभा), शैलेन्द्र कुमार (AIKKMS), सागर महाब (भारत नौजवान एकता मंच), राजेश सचान (युवा मंच) सागर माहव - भारत नौजवान एकता मंच, आदि मिलाकर कुल 62 किसान नेताओं ने बैठक में भाग लिया।'
जारीकर्ता
अतुल कुमार अनजान (AIKS)
पुरुषोत्तम शर्मा (AIKM)
राजेंद्र यादव पूर्व विधायक (AIKS) मुकुट सिंह (UPKS-AIKS)'
इस बैठक की विशेष बात यह रही कि इसमें उन्हीं संगठनों को बुलाया गया जिनका आयोजकों ने पहले चयन कर लिया था, हालांकि उत्तरप्रदेश में चयनित संगठनों/प्रतिनिधियों के अलावा अनेक संगठन सक्रिय हैं।... आमंत्रण अनुसार- "इस बैठक में एआइकेएससीसी उत्तर प्रदेश, गाजीपुर बॉर्डर कमेटी और 26 जून के राजभवन मार्च के लिए बने समन्वय से जुड़े सभी संगठन सादर आमंत्रित हैं। बैठक में हर संगठन से दो प्रतिनिधि साथी ही ** हिस्सा लेंगे।"...इस सीमा के चलते अन्य कार्यरत संगठनों को नहीं बुलाया गया। विशेष बात यह है कि इसमें भाकियू-टिकैत सहित कई महत्तात्वपूर्ण संगठन शामिल नहीं हुए जो प्रदेश में कहीं ज़्यादा सक्रिय हैं!
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* प्रकाशनार्थ।
14 जुलाई को लखनऊ में किसान संगठनों की प्रदेश स्तरीय बैठक,,,,,, देशभर में विगत 8 महीनों से किसानों के चल रहे राष्ट्रव्यापी आंदोलन की गूंज उत्तर प्रदेश में भी है l पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन संगठित रूप से है l मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में जिलों से लेकर के ब्लॉक स्तर तक किसानों के राष्ट्रीय आवाहन पर अभी तक किसान अपनी राष्ट्रीय मांगों पर आंदोलनरत हैं l पूरे प्रदेश में किसान आंदोलन को व्यापक रूप से संगठित करने और उसे राज्यव्यापी स्वरूप देने के लिए प्रदेश के सभी किसान संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक अखिल भारतीय किसान सभा केराज्य कार्यालय कैसरबाग में 14 जुलाई को संपन्न होने जा रही है l इस बैठक में प्रदेश के लगभग 50 से अधिक राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय किसान संगठनों के नेता भाग लेंगे l बैठक में आगामी दिनों में व्यापक सक्रियता कर किसान आंदोलन को प्रदेश में निरंतर रूप से चलाए जाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार होगा l प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव पर भी विशेष रूप से चर्चा होगी l मोदी सरकार के द्वारा तीन तीन कृषि कानूनों , किसानों के सभी उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य और खरीद की गारंटी के कानून के साथ-साथ बिजली बिल 2020 की वापसी के लिए संघर्ष की रणनीति बैठक का प्रमुख मुद्दा होगी l
- अतुल कुमार अनजान, AIKSCC समूह, 13/07/2021.
** साथियों, उत्तर प्रदेश में संयुक्त रूप से आंदोलन के निर्माण के उद्देश्य से एक निम्न पहलकदमी ली गयी है। आप सभी से अनुरोध है कि इस बैठक मे भाग लें और संयुक्त किसान मोर्चा के आंदोलन को बढाने पर विचार करें ।
डा आशीष मित्तल महासचिव एआईकेएमएस ।
साथियों!
उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ, एमएसपी गारंटी कानून और इलेक्ट्रिक बिल 2020 वापसी की मांग पर चल रहे वर्तमान किसान आंदोलन को और भी विस्तारित करने की आवश्यकता है। हम सब जानते हैं कि आज साढ़े सात माह बाद भी पश्चिमी यूपी और उत्तराखण्ड की तराई तक ही हमारे किसान आंदोलन का विस्तार हो पाया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश के मध्य इलाके एवं अवध प्रांत में भी किसान आंदोलनों की गूंज है। धरने, जुलूस, प्रदर्शन विभिन्न किसान संगठनों की पहल पर किसानों के द्वारा इन क्षेत्रों में आयोजित होते रहते हैं। परंतु एक व्यापक प्रभावकारी सामूहिक आंदोलन का अभाव है। दोनों राज्यों के बड़े भू-भाग के किसानों की व्यापक गोलबंदी का होना अभी भी बाकी है।
इन दोनों राज्यों में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति /संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आहूत कार्यक्रमों को लागू करने वाले सभी किसान संगठनों को गोलबंद करके ही हम इस आंदोलन का विस्तार कर पाएंगे। इसके लिए हर आंदोलनरत किसान संगठन से संपर्क करने और उनके साथ सामूहिक राय बनाने की दिशा में हमें आगे बढ़ना ही होगा।
इस सिलसिले में 14 जुलाई को दोपहर 12 बजे लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा ( AIKS ) के राज्य कार्यालय 22 कैसरबाग (बारादरी के पीछे ) में उत्तर प्रदेश के सभी किसान संगठनों की एक आवश्यक बैठक बुलाई जा रही है। ताकि हम आपस में एक बेहतर समन्वय स्थापित कर सकें और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति/ संयुक्त किसान मोर्चे की बैठकों में पंजाब व हरियाणा के किसान संगठनों की तरह अपनी एकताबद्ध राय ले जा सकें।
इस बैठक में एआइकेएससीसी उत्तर प्रदेश, गाजीपुर बॉर्डर कमेटी और 26 जून के राजभवन मार्च के लिए बने समन्वय से जुड़े सभी संगठन सादर आमंत्रित हैं। बैठक में हर संगठन से दो प्रतिनिधि साथी ही हिस्सा लेंगे।
उम्मीद है वर्तमान दौर के सामाजिक आर्थिक राजनीतिक महत्त्व को ध्यान में रख कर आने वाले विधानसभा के चुनाव में किसान संगठनों की सजग भूमिका निर्वाह करने के लिए आप या आपके संगठन के प्रतिनिधि बैठक में अवश्य भाग लेंगे।
निवेदक
अतुल अंजान, राष्ट्रीय महासचिव, AIKS
+919811008579
पुरुषोत्तम शर्मा, राष्ट्रीय सचिव, AIKM
9410305930
मुकुट सिंह, राज्य सचिव UPKS (AIKS)
8887756963
राजेन्द्र यादव,, राज्य सचिव, AIKS
+919451594767
ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, राज्य सचिव AIKM
+917068144303
दिनांक- 08 जुलाई 2021
★★★★★★★★★

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