रुका नहीं, झुका नहीं!...

                       अगला पड़ाव

जी हाँ, किसान आंदोलन न तो रुक है न झुका है बल्कि और तेज हो रहा है। अब और व्यापक और सघन होगा अब किसान आंदोलन!...21 मार्च को किसान आंदोलन के शुरू हुए दूसरे चरण से यही आभास हो रहा है।

     देश के विभिन्न भागों से 21 मार्च को किसानों से किए गए वादों से की गई वादा-खिलाफ़ी के विरोध में 'रोष-दिवस' मनाया गया। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े विभिन्न संगठनों ने इस दिन केन्द्र सरकार की वादा-खिलाफ़ी पर आक्रोश का इज़हार किया। जिला, तहसील स्तरों पर धरने किए गए तथा विरोध-जुलूस निकाले गए। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब से लेकर मध्यप्रदेश, बिहार, गुजरात, उड़ीसा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि भिन्न-भिन्न राज्यों में इस आक्रोश की अभिव्यक्ति देखी गई।

     उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद, आज़मगढ़, अलीगढ़, बलिया, जौनपुर, लखनऊ, वाराणसी, आदि जिलों में कार्यक्रम हुए। आज़मगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्त्वावधान में  भारतीय किसान यूनियन, किसान संग्राम समिति, मजदूर-किसान एकता मंच, खेत मजदूर व किसान संग्राम समिति, अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय किसान महासभा, जय किसान आंदोलन आदि के कार्यकर्ताओं ने शहीद कुंवर सिंह उद्यान में एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट तक रोष-मार्च निकाला। इलाहाबाद में पत्थर गिरजाघर धरनास्थल पर मंडल भर के किसान संगठनों ने एकत्रित होकर सभा की एवं सरकार की वादा-खिलाफ़ी के रोष प्रकट करते हुए किसानों की विविध मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम अधिकारियों के माध्यम से प्रेषित किया गया। सभा में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा, भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान महासभा, एटक, डीवाईएफआई, सीआईटीओ, ऐक्टू आदि के नेताओं ने संबोधन किया। अलीगढ़ में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क में धरना दिया गया। इसके अलावा जिले की अतरौली तहसील पर भी किसानों ने भाकियू-स्वराज के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। यहाँ भारतीय किसान यूनियन, क्रांतिकारी किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा द्वय, बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन-बीएमकेयू, भाकियू-अम्बावता, निर्माण श्रमिक संगठन आदि के नेताओं ने संबोधन किया। वाराणसी में वरुणापुल स्थित शास्त्री घाट पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए और केंद्र सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध रोष प्रकट करते हुए किसान आंदोलन को मजबूत बनाने पर जोर दिया। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त राजा तालाब और पिंडरा में भी किसानों ने रोष-मार्च निकाला।

March, 2022

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