किसान खेत मजदूर संगठन, हरियाणा

                                      हरियाणा 

               अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन


      18 जुलाई को सोनीपत जिला के कंवाली गांव में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने किसान विरोधी तीनों काले कानूनों , बिजली संशोधन बिल 2020 व एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एक सभा की गई । सभा को संबोधित करते हुए ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि पिछले 8 महीने से सरकार के किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर टिकरी बॉर्डर गाजीपुर बॉर्डर व अन्य बॉर्डर व टोलों के ऊपर किसान मोर्चा लगाए हुए हैं । दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार ने इन कानूनों पर किसानों से कोई राय लेना भी उचित नहीं समझा और अडानी , अंबानी जैसे पूंजीपतियों के हित में इन्हें देश की जनता पर जबरदस्ती थोंक दिया गया । सरकारी मंडी के साथ पूंजीपतियों की मंडी खोलने का कानून बनाने से एमएसपी मिलने का कोई मतलब नहीं रहेगा । ठेका खेती से किसानों की जमीन उनके हाथ से निकल जाएगी । यह किसानों को कंपनियों का गुलाम बनाने का तरीका निकाला गया है । आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अनाज , दालें , तेल , तिलहन , आलू और प्याज  जैसी आवश्यक वस्तुओं का बेहिसाब भंडारण की छूट देकर जनता को लूटने का पूंजीपतियों  को अधिकार दे दिया गया है ।

          किसान नेता हंसराज राणा ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की विपक्ष में रहते हुए बीजेपी बड़े दावे करती थी लेकिन राज में आ जाने के बाद आज वह कोर्ट में कह रही है - सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकती । इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता हवा सिंह शास्त्री जी ने कहा कि जिस उद्देश्य को लेकर अंग्रेजों से देश आजाद कराया था , जिसमें शहीद - ए - आजम भगत सिंह , सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने जिस तरह की आजादी का सपना देखा था । आज बढ़ती महंगाई  , घटते रोजगार व भ्रष्टाचार ने उन सभी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है और देश की ज्यादातर दौलत चंद पूंजीपतियों के हाथ में जमा हो गई है ।

      ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला सचिव कामरेड जयकरण ने कहा की बिजली संशोधन बिल 2020 के लागू होने से कंपनियां बिजली के मनमाने रेट वसूल करेंगी और जो भी गरीब आदमी बिजली का बिल नहीं भर पाएगा उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया जाएगा ।

       सभा के संचालक नरेंद्र दहिया जी ने कहा कि किसान मजदूर इन काले कानूनों के खिलाफ एकजुट होते जा रहे हैं और सरकार को यह कानून वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा । 22 जुलाई से संसद मार्च का जो आह्वान संयुक्त किसान मोर्चे ने किया है उसमें एआईकेकेएमएस बढ चढ कर हिस्सा लेगा ।

 जारीकर्ता :  जयकरण, जिला सचिव

ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन , सोनीपत, हरियाणा

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